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कलेक्टर के प्रतिबंध की खुली अवहेलना! बिल्हा के मुड़ीपार खार में रात के अंधेरे में दौड़ी अवैध बोर मशीन CG10 BE 9514, वीडियो बेनकाब कर रहा ‘पानी का काला खेल’

30 जून तक जिले में बोर खनन पूर्णतः प्रतिबंधित, फिर भी बोर माफिया बेखौफ बिल्हा तहसीलदार ने तत्परता दिखाई, कार्रवाई के लिए तैयार

बिल्हा/बिलासपुर, 4 मई 2026 एक तरफ जिला प्रशासन भूजल स्तर बचाने के लिए सख्त है, दूसरी तरफ ‘पानी के सौदागर’ रात के अंधेरे में कानून की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा 30 जून 2026 तक बोर खनन पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद बिल्हा के मुड़ीपार खार में अवैध बोर खनन का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

वीडियो बना सबसे बड़ा सबूत:  

3 मई 2026 की रात मुड़ीपार खार में अवैध बोर खनन की सूचना पर छत्तीसगढ़ जनता की आवाज के संपादक मौके पर पहुंचे। वहां Ashok Leyland कंपनी की अवैध बोर मशीन नंबर CG10 BE 9514 खड़ी थी।

सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि घुप अंधेरे में एक युवक पीले रंग की बनियान पहने जमीन पर बैठकर लोहे के पाइप पर वेल्डिंग का काम कर रहा है। मशीन के बंपर पर रंगीन डिजाइन और दीयों की आकृति बनी है। यह वीडियो अब अवैध खनन और प्रशासनिक आदेश की खुली अवहेलना का जीता-जागता सबूत बन चुका है।

कलेक्टर को रात में लगाना पड़ा फोन:  

सूचना मिलते ही संपादक ने पहले स्थानीय स्तर पर संपर्क की कोशिश की, लेकिन बिल्हा SDM द्वारा फोन रिसीव न किए जाने के कारण मजबूरन रात में ही कलेक्टर संजय अग्रवाल को फोन लगाना पड़ा। 

कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए SDM और तहसीलदार बिल्हा को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद तहसीलदार बिल्हा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संपादक से संपर्क किया और उचित कार्रवाई के लिए तैयार होने की बात कही।

आरोपी फरार, दलाल नाकाम:  

इसी बीच आरोपी बोर मशीन CG10 BE 9514 को लेकर फरार हो गए। मौके पर सिर्फ अधूरा खुदा हुआ बोर मिला। मशीन मालिक का नाम आनंद अग्रवाल बताया जा रहा है। मामले को दबाने के लिए बोर मालिक और उसके दलालों ने पत्रकारों को ‘मैनेज’ करने की पूरी कोशिश की, मगर संपादक ने स्पष्ट कहा कि “सभी पत्रकार बिकाऊ नहीं होते।”

तहसीलदार ने मानी स्थिति:  

तहसीलदार बिल्हा ने माना कि उन्हें कार्रवाई के निर्देश मिल चुके हैं और वे गंभीरता से कार्रवाई के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पूरे क्षेत्र को 30 जून तक लगे प्रतिबंध की जानकारी है, फिर भी अवैध खनन नहीं रुक रहा।

भूजल संकट: खतरे की घंटी  

हाहाकार: जिले का भूजल स्तर खतरनाक स्तर तक गिर चुका है। लाखों लोग बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रहे हैं।

अंधाधुंध दोहन: धान की खेती और निजी स्वार्थ के लिए पानी का अंधाधुंध दोहन जारी है।

रात का सिंडिकेट: दलालों के मजबूत नेटवर्क के दम पर रात में अवैध बोर खनन का पूरा रैकेट सक्रिय है।

सबसे बड़ा सवाल:  

कलेक्टर की तत्परता और तहसीलदार की सक्रियता तो सामने आई, मशीन CG10 BE 9514 जब्त होगी? क्या मालिक आनंद अग्रवाल पर कड़ी कार्रवाई होगी जो नजीर बने? 

अगर प्रशासनिक प्रतिबंध और अफसरों की लापरवाही के बीच यह ‘पानी का काला खेल’ चलता रहा, तो हम आने वाली पीढ़ियों को विरासत में क्या देंगे?

जन-अपील: जल संकट राष्ट्रीय संकट है। यदि आपके पास अवैध बोर खनन से जुड़ा कोई भी वीडियो, फोटो या जानकारी हो, तो तत्काल जिला प्रशासन या जिम्मेदार मीडिया तक पहुंचाएं। क्योंकि जल बचेगा, तभी कल बचेगा।

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