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बिलासपुर मस्तूरी’दो मित्रों के बीच आर्थिक सहयोग को भ्रष्टाचार बताना सुनियोजित साजिश’: भाजपा नेताओं का पलटवार, छत्तीसगढ़ जनता की आवाज ने फर्जी खबर का किया खंडन

'मित्रों के आर्थिक सहयोग को भ्रष्टाचार बताना साजिश': छत्तीसगढ़ जनता की आवाज ने फर्जी खबर का किया खंडन, नेताओं ने दर्ज कराई एफआईआर

बिलासपुर, 4 मई 2026: मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुकुर्दीकला में 29 अप्रैल को हुई रेत घाट जनसुनवाई के बाद वायरल हुए एक वीडियो को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाने की कोशिश नाकाम हो गई है। भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश सूर्या और ग्राम सोनसरी निवासी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि खिलावन पटेल ने प्रेसवार्ता कर स्पष्ट किया कि उनके बीच हुए मित्रतापूर्ण आर्थिक लेनदेन को तोड़-मरोड़कर भ्रष्टाचार से जोड़ने की साजिश रची गई।

 क्या था पूरा मामला  

29 अप्रैल 2026 को कुकुर्दीकला में प्रस्तावित रेत घाट को लेकर शांतिपूर्ण जनसुनवाई संपन्न हुई थी। चंद्रप्रकाश सूर्या को किसी व्यक्तिगत कार्य के लिए पैसों की जरूरत पड़ी। उन्होंने अपने पुराने मित्र खिलावन पटेल से मदद मांगी। खिलावन पटेल ने मौके पर ही अपनी जेब से लगभग 25 हजार रुपये  सूर्या को दे दिए। पारदर्शिता के लिए सूर्या के कहने पर,लोगों की मौजूदगी में राशि गिन ली गई ताकि लौटाते समय कोई विवाद न हो।

 वीडियो का दुरुपयोग और फर्जी खबर  

नेताओं ने आरोप लगाया कि उसी दौरान लेनदेन का वीडियो बना लिया। बाद में उन्होंने पोर्टल पर इसे रेत घाट प्रबंधन और भ्रष्टाचार से जोड़कर भ्रामक खबर प्रकाशित कर दी। न्यायधानी.com पर भी “रेत घाट जनसुनवाई विवादों में” शीर्षक से तथ्यहीन खबर चलाई गई। नेताओं का दावा है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर भयादोहन का प्रयास किया गया।

 छत्तीसगढ़ जनता की आवाज संपादक ने किया खंडन  

इस पूरे प्रकरण का ‘छत्तीसगढ़ जनता की आवाज’ न्यूज़ के संपादक ने पुरजोर खंडन किया है। संपादक ने स्पष्ट किया कि न्यायधानी.com और अन्य पोर्टलों पर प्रकाशित खबर पूरी तरह तथ्यहीन, भ्रामक और प्रायोजित है। वायरल वीडियो का रेत घाट की जनसुनवाई या किसी भी शासकीय प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है। संपादक ने कहा: “दो जनसेवकों के बीच हुए मित्रतापूर्ण सहयोग को भ्रष्टाचार का चोला पहनाना घोर निंदनीय और घटिया राजनीति है। यह साजिश राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है।”

 रेत घाट से कोई संबंध नहीं  

चंद्रप्रकाश सूर्या और खिलावन पटेल ने दोहराया कि उनका कुकुर्दीकला रेत घाट या उसके प्रबंधन से कोई लेना देना नहीं है। जनसुनवाई में वे केवल जनप्रतिनिधि के रूप में मौजूद थे। नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि कोई अवैध लेनदेन करना होता तो वह सैकड़ों लोगों के सामने सार्वजनिक स्थल पर क्यों किया जाता।

 कानूनी कार्रवाई शुरू  

खिलावन पटेल ने 2 मई को पचपेड़ी थाने में भ्रामक वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने NCR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों नेताओं ने संबंधित पत्रकार को लीगल नोटिस भेजा है और एफआईआर दर्ज कराई गई है। नेताओं ने कहा कि वे मानहानि का दावा भी दायर करेंगे। 

 राजनीतिक छवि खराब करने की साजिश  

प्रेसवार्ता में नेताओं ने इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित साजिश बताया। उन्होंने कहा कि उनकी बढ़ती सक्रियता और लोकप्रियता से परेशान लोगों ने ईमानदार चेहरों को बदनाम करने के लिए ’25 हजार का वीडियो बम’ प्लांट किया, जो फुस्स हो गया।

 पीत पत्रकारिता पर सवाल  

दोनों नेताओं ने बिना सत्यापन के खबर प्रकाशित करने को पीत पत्रकारिता करार दिया। उन्होंने प्रेस क्लब से ऐसे मामलों में संज्ञान लेने की मांग की। छत्तीसगढ़ जनता की आवाज के संपादक ने भी जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हर वीडियो पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। भ्रामक खबर फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

 फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। नेताओं ने दोहराया कि उनके बीच हुआ लेनदेन पूरी तरह व्यक्तिगत और मित्रतापूर्ण था, जिसका भ्रष्टाचार या जनसुनवाई से कोई संबंध नहीं है।

 सार:  

29 अप्रैल को कुकुर्दीकला रेत घाट की जनसुनवाई शांतिपूर्ण रही।  

वायरल वीडियो में दिखा लेनदेन दो मित्रों के बीच व्यक्तिगत सहयोग था।  

छत्तीसगढ़ जनता की आवाज संपादक ने न्यायधानी.com समेत अन्य पोर्टलों की खबर को फर्जी बताया।  

खिलावन पटेल ने पचपेड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई, NCR दर्ज।  

नेताओं ने पत्रकार के खिलाफ एफआईआर और मानहानि का दावा करने की बात कही। 

(Neeraj Kumar Tiwari (Editor-in-Chief)

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